की ओर से सभी मित्रो को
लाग हरेला, लाग बग्वाई, जी रए, जाग रए. स्याव जस बुद्धि हैजो, सूर्ज जस तरान हैजो आकाश बराबर उच्च है जै, धरती बराबर चकाव है जै दूब जस फलिये हिमाल में ह्यूं छन तक, गंग ज्यू में पानी छन तक सिल पिसि भात खाये, जांठि टेकि झाड़ जाये!!

लाग हरेला, लाग बग्वाई, जी रए, जाग रए. स्याव जस बुद्धि हैजो, सूर्ज जस तरान हैजो आकाश बराबर उच्च है जै, धरती बराबर चकाव है जै दूब जस फलिये हिमाल में ह्यूं छन तक, गंग ज्यू में पानी छन तक सिल पिसि भात खाये, जांठि टेकि झाड़ जाये!!

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